HARAN KAND

Email
Printed
HARAN KAND
Code: SPCL-2280-H
Pages: 80
ISBN: 9789332414044
Language: Hindi
Colors: Four
Author: Anupam Sinha, Jolly Sinha
Penciler: Anupam Sinha, Abhishek Malsuni,
Inker: Vinod Kumar
Colorist: Nagendra Pal, Vishwajaya Ghosh,
Rs. 75.00
Add to wish list
Paperback Comics/Books that are parts of same Series
Collector Editions that are parts of same Series
Bundled Collections that have this Comics

Reviews

Thursday, 02 October 2014
Nagayan continues in its third part haran kand Before buying the book I know from its name that nagpasha will capture vispi in this comics and he will do it in that way which raman has done but no he had done it totally differently nagayan is inspired by Ramayan but it's story is totally new thanks rc
RISHIT RISHIT
Saturday, 23 August 2014
अगर किसी कॉमिक्स को पढ़ने के बाद आपको डिप्रेशन से आराम मिले तो समझ जाइये की वो कॉमिक्स बेहद उच्च श्रेणी की है और हरण कांड उसी श्रेणी में आती है। कॉमिक्स में कुछ दृश्य बेहद परिपक्वता से लिखे गए हैं जैसे 1. भारती का गीना यानि नगीना को थप्पड़ मारना और भारती का खुद को नैतिक तौर पर श्रेष्ट सिद्ध करना 2. नताशा जो कि ध्रुव के कॉमिक्स संसार में मेरे सबसे पसंदीदा महिला चरित्र है उसका बाबा गोरखनाथ जी के साथ मिलकर अंदरुनी तौर पर ब्लैक पावर्स को हराने का प्रयास करना 3. नताशा का अपनी मृत बेस्ट फ्रेंड श्वेता को चण्डिका के रूप में ज़िंदा रखना और उसको ध्रुव से भी अधिक प्रेम करना 4. महानगर वासियो का नागराज के प्रति अगाध प्रेम और नागराज की उनका सन्देश कि उसे हर कीमत पर कानून की रक्षा करनी है ताकि उसकी आत्मा और चरित्र बना रहे ये सारे दृश्य अनुपम-जॉली जी ने बेहद सुंदरता और संवेदनशीलता से लिखे गए हैं और चित्रांकन की सबसे बड़ा विशेषता ये रही कि अनुपम-विनोद जी ने वनवास के दृश्यों में पृष्टभूमि चित्रो यानि बैकग्राउंड में जंगल के दृश्य बेहद अच्छी और ख़ूबसूरती से बनाये गए हैं और नागेन्द्र पाल और विश्वज्य घोष जी के रंग बेहद अच्छे और मज़बूत रहे हैं कुलमिलाकर बेहद अच्छी और मज़बूत कॉमिक्स है ये इस श्रृंखला की 9 /10.
sachin dubey
Monday, 26 May 2014
nagayan continues in haran kand ye comics bhi pehli 2 ki tarah shandaar hai a must have for all
Kamal Satyani
More reviews