NAGRAJ DIGEST 7

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NAGRAJ DIGEST 7
Code: DGST-0058-H
Pages: 96
ISBN: 9789332418370
Language: Hindi
Colors: Four
Author: Tarun Kumar Wahi, Raja
Penciler: Pratap Mulick, Chandu
Inker: N/A
Colorist: N/A
Rs. 75.00
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Description नागराज का दुश्मन- # 172: नागराज जो अब तक था अपराधियों का दुश्मन अब वो खुद अपराध करने लगा है। मानवता की रक्षा करने वाला अब मासूमों का कत्ल करने में जरा भी नहीं हिचक रहा! ऐसा क्या हुआ है नागराज के साथ जिसके कारण वह अपनी नाग शक्तियों की सहायता से मासूम लोगों की जिंदगियों से खिलवाड़ कर रहा है? इच्छाधारी नागराज- #175: नागराज का भेष बनाकर उसके नाम पर आतंक मचाया उसके सामान ही शक्तियों वाले नागदंत ने| अपने नाम पर लगे कलंक को धोने के लिए जब नागराज दुनिया के सामने आया तो उसे कैद कर लिया पुलिस ने और डाल दिया एक ऐसी कैद में जहां से हवा भी बाहर नहीं निकल सकती| परंतु अब नागराज इच्छाधारी हो चुका था और वो कैद भी उसे रोक नहीं पाई। तो क्या अब ये इच्छाधारी नागराज अपने खिलाफ फैलाये इस जाल को काट पायेगा? नागराज और कालदूत-# 200: नागद्वीप पर फैले आतंक से नागद्वीपवासियों की रक्षा के लिए आया उनका सम्राट नागराज। लेकिन नागराज ने भूलवश भंग कर दी अमरयोधा महात्मा कालदूत की तपस्या और जगा दिया उनके क्रोध की ज्वाला को। और महात्मा कालदूत की साधना को भंग करने का एक ही दंड है! मृत्युदंड|
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Reviews

Saturday, 08 February 2014
All the comics are classic of its time & all the 3 are great.
Rajal Sharma
Thursday, 06 February 2014
is Digest me teen comics hai... 1st aur 2nd ek hi kahani ke 2 part hai... jisme Nagdant ka Nagraj ke rup me sahar me atank fhelana aur Nagraj ka usko rokna dikhaya gaya hai... 3rd comics me Nagraj aur Kaaldoot ka takraw jabardast hai... artwork sabhi comics ka achcha hai.
PREM YADAV
Tuesday, 22 October 2013
Dear Admin & Raj Comics Team, Please provide physical copies of the Nagraj Digest 7 & 8, so that we can complete our collection. It's a treasure to have such classics preseved. Plssssssssssssss, Request from all Fans of Rajcomics :)
Anal Mitra
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