DHRUVA DIGEST 8

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DHRUVA DIGEST 8
Code: DGST-0076-H
Pages: 192
ISBN: 9789332418554
Language: Hindi
Colors: Four
Author: Anupam Sinha
Penciler: Anupam Sinha
Inker: N/A
Colorist: N/A
Rs. 100.00
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Description पागल कातिलों की टोली- 400- फाईनेंसर जो राजनगर के अपराधियों को अपराध के लिए फाईनेंस उपलब्ध करवाता था! और जो लोग उसके पैसे देने मे आनाकानी करते उनके लिए फाईनेंसर के पास थी खूंखार पागल कातिलों की टोली जो फाईनेंसर के एक इशारे पर उनको चीड़फाड़ डालते थे! और जब ध्रुव इस मामले मे उलझा तो उन पागल कातिलों ने उसे भी धर दबोचा! और अब फाईनेंसर ध्रुव को भी अपनी पागल कातिलों की टोली में शामिल करना चाहता है! तो क्या अब ध्रुव भी बन जाएगा एक पागल कातिल? ब्लैक कैट- 450- एक षड्यंत्र के तहत नताशा का राज खुला और वो पहुंच गई लॉकअप में! ध्रुब जब इस मामले की छानबीन करने निकला तो वो जा टकराया जिमनास्टिक की उस्ताद एक खतरनाक लेडी फाईटर ब्लैक कैट से! अब ध्रुव कैसे जीत पाएगा उस खतरनाक बला से क्योंकि वो लड़कियों पर हाथ नहीं उठाता! रोबो का प्रतिशोध- 460- ग्रेंड मास्टर रोबो की चाल में फंस कर नताशा इस कदर ध्रुव के खिलाफ हो गई कि वो फिर से कमांडर नताशा बन कर ध्रुव की जान लेने पर अमादा है! तो क्या रोबो का प्रतिशोध पूरा हुआ? दलदल- 550- 'दलदल' जिसके अंदर ना जाने कितने अपराधी डूब कर जज्ब हो गए थे. जब वो एक रहस्यपूर्ण केमिकल के सम्पर्क में आया तो वो जिन्दा हो गया और पहुंच गया पूरे राजनगर को दलदल बनाने के लिए! तो क्या ध्रुव दलदल को रोक पाया या बन गया उसी दलदल का हिस्सा? उड़ती मौत- 560- ध्रुव का सामना हुआ इस बार खतरनाक लेडीबर्ड से जिसके एक इशारे पर चिड़ियों का झुंड लोगों की चमड़ी उधेड़ देता था! क्या ध्रुव इस उड़ती मौत से बच पाया? चंडकाल की वापसी- 565- चंडकाल जिसका बेजान शरीर स्वर्णनगरी में पड़ा था लेकिन उसका मानस रूप तीन अलग अलग स्थान पर इकट्ठा हुआ और उसने तीन जांबाज फाईटर नान-चाकू, अल-किल और डाईविल के शरीर पर कब्जा कर लिया! अब उसका मकसद अपना शरीर वापस पाने का है! क्या ध्रुव चंडकाल को रोक पाया या होकर रही चंडकाल की वापसी!
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Reviews

Saturday, 25 October 2014
DHRUVA 6 IN ONE DIGEST.CANDAKAL KI VAPASI IS THE BEST COMICS IN DIGEST.
RISHIT RISHIT
Thursday, 06 February 2014
dhruv ke 6 comics ka collection, some of them r very good while some r average. pagal katilon ki toli, black cat, robo ka pratishodh r very exciting stories with nice artwork.
Vikas Ranjan