DHRUVA DIGEST 15

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DHRUVA DIGEST 15
Code: DGST-0092-H
Pages: 192
ISBN: 9789332422667
Language: Hindi
Colors: Four
Author: Anupam Sinha
Penciler: Anupam Sinha
Inker: Vitthal Kamble
Colorist: N/A
Rs. 160.00
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Description खूनी खानदान-100 कथा एवं चित्र : अनुपम सिन्हा, स्याही : विट्ठल कांबले, सुलेख एवं रंग : सुनील पांडे, संपादक : मनीष गुप्ता ध्रुव को आई एक गुमनाम कॉल जिसके जरिए उसे पता चला कि उसके पिता श्याम एक फरार हत्यारे थे! और फिर ध्रुव पर हुआ कुछ अंजान विदेशी अपराधियों का जानलेवा हमला! क्या रहस्य था इन सब घटनाओं का! क्या ये सब एक षड्यंत्र था या फिर ध्रुव का खानदान था एक खूनी खानदान! अतीत-105 कथा एवं चित्र : अनुपम सिन्हा, स्याही : विट्ठल कांबले, सुलेख एवं रंग : सुनील पांडे, संपादक : मनीष गुप्ता अपने पिता को बेगुनाह साबित करने और अपने अतीत को जानने के लिए ध्रुव पहुंच गया फ्रांस जहां कदम-कदम पर उसके लिए मौत का जाल बिछाया गया था! क्या ध्रुव जान पाया अपना अतीत या वो खुद बन कर रह गया एक अतीत! जिग्सा-109 कथा एवं चित्र : अनुपम सिन्हा, स्याही : विट्ठल कांबले, सुलेख एवं रंग : सुनील पांडे, संपादक : मनीष गुप्ता अपने अतीत का पीछा करते-करते ध्रुव पहुंच गया फ्रांस ताकि वो अपने पिता को बेगुनाह साबित कर सके! मगर उसके रास्ते में मौत बन कर आ गया अंतराष्ट्रीय अपराधी जिग्सा का जाल! कौन था यह जिग्सा और क्या रिश्ता था इसका ध्रुव के रहस्यमयी अतीत से!
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Reviews

Sunday, 05 October 2014
G... RC should publish more n' more old comics in these CEditions. These comics are so amazing and precious like gold. This book is the collection of three stories: Khooni Khandan, Ateet, Jigsaaw. When I started reading first comic I realized that I have read this book in my childhood. And I could recollect all my old memories when and how I read this so many years ago. SCD is super genious... without any powers he proves everytime that if you have will to do somethin' n' you if you really want to do this... you will do it and even everyone will try with you to take you to your goals. So guys this is awesome, inspirational and thrillin' series. My Advice for RC Fans: If you are a new reader, read captain's father's history written by Legend... Anupam Sir. Annnnnd you should include this special edition in your collection even if you have read all these stories. -Swapnil Doga Dubey-
Swapnil Dubey
Thursday, 02 October 2014
Till now it is the best collector edition with glossy pages and a good binding quality.
Ahtasham
Thursday, 25 September 2014
सबसे पहले तो मैं अपने दोनों हाथ जोड़कर राज कॉमिक्स को अपनी आत्मा से धन्यवाद दूँगा की राज कॉमिक्स ने इतनी अतुलनीय और कालजयी महागाथा को 'उच्च स्तरीय GLOSSY पेपर ' पर प्रकाशित किया जिससे कॉमिक्स में नयी जान आ गयी और निवेदन है की आगे भी ऐसी महगाथाओ को 'अच्छे GLOSSY पेपर' पर ही प्रकाशित करें ताकि 'स्पैशल संस्करण' वाकई 'स्पैशल' बन जाए। अपने समीक्षा से पहले मैं उस ध्रुव के बारे मैं चाहता हूँ जिसे मैं 4 साल की उम्र से पिछले 25 सालो से पढ़ रहा हूँ - एक बच्चे का बचपन बहुत ही आवश्यक दौर होता है उसके जीवन को रूप देने में क्यूंकि अगर बचपन अच्छा हो तो उसका पूरा जीवन अच्छा रहता है क्यूंकि बचपन के मिले घाव,अंदरुनी चोट या सँस्कार शिक्षाएं कभी नहीं भरते पूरे जीवन भर ऐसे मैं उस बच्चे के परिवेश को अच्छाई और नेकी और संवेदनशीलता से भरना बहुत ज़रूरी होता है और 5 से 18 साल की उम्र में माता-पिता अपनी व्यस्त जीवन से उसे कैसे नेकी की ओर मोड़े जबकि स्कूल मैं उसे केवल 'रट्टाफिकेशन ' और सिर्फ किताबी ज्ञान ही पढ़ाया नहीं बल्कि मशीन के जैसे 'रटाया ' जाता है और कांग्रेस के 60 सालो के शिक्षा पद्धति को केवल एक गांधी और कांग्रेस पर ही केंद्रित रखा गया और शहीद बोस,शहीद आज़ाद ,शहीद भगत सिंह ,शहीद राजगुरु, शहीद सावरकर ,शहीद ऊधम सिंह आदिके विषय में कभी इतना पढ़ाया ही नहीं जाता कि एक लड़का इनके जीवन से उचित आदर्शों की प्रेरणा प्राप्त कर सके (मैंने तो इन शहीदो के जीवन को 10 +2 के बाद ही कायदे से जाना ) ऐसी स्तिथि में ध्रुव की कॉमिक्स से एक लड़का जब ध्रुव जैसे किरदार को पढता है तो उसकी नेकी ,उसका अडिग स्वभाव ,उसका अक्रूर स्वभाव ,उसकी अहिंसा उसके अंदर की ऐसी नैतिकता की वो अपने दुश्मन की जान को बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगा देना ('सुपरहीरो' में ध्रुव द्वारा कोकी को बचाना ) ये वृतांत किसी भी कॉमिक्स पाठक को अंदर से उसकी आत्मा को छू लेते हैं और फिर नेकी और धर्म का अपने आप उसमे संचार होने लगता है। आज भी मुझमे जो भी थोड़ी बहुत अच्छाई हो उसमे ध्रुव का एक बड़ा योगदान है और हमेशा रहेगा मैं हमेशा अपने परिवार मैं छोटे बच्चो को ध्रुव की कॉमिक्स पढ़ने के लिए कहूँगा ताकि ध्रुव की नेकी उन्हें भी छू सके। अब कुछ बिंदु कॉमिक्स पर 1. मुझे व्यक्तिगत रूप से अनुपम-विट्ठल जी का चित्रांकन बहुत बहुत अच्छा लगता था क्यूंकि उनके एक्शन दृश्यों में ज़बरदस्त गति और लय होती थी इसलिए ये कॉमिक्स मेरे लिए एक खज़ाना है मेरे हिसाब से बीच बीच में विनोद जी के साथ विट्ठल जी को भी अनुपम जी के साथ लाना चाहिए। 2. इस कॉमिक्स के विशेषता ये है की ये ध्रुव के पिता से सम्बंधित अतीत पर केंद्रित है और इसमें सिर्फ अकेले ध्रुव की जंग उसके दुश्मनो से दिखाई गयी है इसमें ध्रुव का कोई सहयोगी किरदार जैसे चंडिका ,नताशा , कमांडो फ़ोर्स,धनंजय आदि ध्रुव की मदद के लिए नहीं हैं और ध्रुव ने सारे संकटो का सामना अकेले ही किया। 3. अतीत कॉमिक्स का एक दृश्य अविस्मरणीय रहा जब क्रशर की मार से घायल ध्रुव अपने भारतीयता को लालरकारे जाने पर क्रशर की कायदे से बैंड बजाता है इस दृश्य में अनुपम जी ने एक्शन सीन एकदम गज़ब का रखा है देखें पेज 37 का 3 फ्रेम ,वाकई अदभुत। 4 . इस कॉमिक्स का शब्दांकन आज की कॉमिक्सों के मुकाबले अधिक स्पष्ट और साफ़ रहा और राज कॉमिक्स को इस पर ध्यान देना चाहिए और कॉमिक्स में कई ढेर सारी उप कहानियाँ न होकर कहानी सिर्फ एक सीधी लाइन पर ही चलती है और यही इसकी विशेषता है बस एक छोटी से कमी रही की जिग्सा कॉमिक्स में ध्रुव की 'पंचिंग किलर' से छुटकारे को और बेहतर ढंग से प्रस्तुत करना चाहिए था। 5. 1997 मैं भारतीय कॉमिक्स प्रेमियों को इंटरनेट और रेडिएशन और लेड जैसे धातुओ के बारे मैं जानकारी देना ही इसका सूचक है की अनुपम जॉली जी की कहानियाँ समय से आगे होते हुए भी अपनी नैतिक भारतीय हिंदी जड़ो में समाहित रहती हैं और पाठको के दिल में भी। ये पूरी गाथा अपने आप में अतुलनीय है और अविस्मरणीय भी इसे सिर्फ ध्रुव ही नहीं अपितु हर उस शख्स के पास होना चाहिए जिसे अच्छी कहानियों से प्यार है। मेरे लिए ये ध्रुव की ये क्लासिक महागाथा 'सुपरहीरो -फरिश्ता ' के तुरंत बाद आती है। धन्यवाद अनुपम जी जॉली जी हमारे बचपन को ध्रुव से सजाने के लिए। कोटि कोटि धन्यवाद।
sachin dubey
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