DWINAYAK DIGEST 08

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Printed
Code: DGST-0115-H
Pages: 204
ISBN: 9789332427235
Language: Hindi
Colors: Four
Author: Tarun Kumar Wahi, Vivek Mohan
Penciler: Suresh Digwal
Inker: Adil Khan, Rajendra Dhauni
Colorist: Sunil Pandey
Rs. 160.00
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Description कोबी भाई #0343- खुद को जांबाज मर्द साबित करने की खूनी प्रक्रिया रोकने आये भेड़िया को कोबी की हेकड़ी के कारण असफल होना पड़ा जिसकी कीमत चुकाई मर्दा जाति के एक निर्दोष जंगली ने! बिफर पड़ी जेन फूट पड़ा उसका गुस्सा! थूक दिया उसने कोबी के मूंह पर! क्रोध और अपमान की आग में जलता कोबी और जेन और भेड़िया को मौत के हवाले कर जंगल को त्याग कर निकल पड़ा शहर के ओर! जहां वह जा टकराया अंडरवर्ल्ड डॉन बुड्ढा भाई से! बुड्ढा भाई ने कोबी को बरगला कर बना दिया मुंबई का डॉन 'कोबी भाई'! इस जलजले से बेखबर मुंबई का बाप डोगा बुड्ढा भाई के अवैध ड्रग्स को पकड़ने निकला और जा टकराया उस आफत से जिसका नाम है अब कोबी भाई! एक म्यान दो तलवारें #0348- क्रोध और अपमान की आग में जलते कोबी ने छोड़ दिया जंगल और बन बैठा मुंबई का डॉन कोबी भाई! मगर मुंबई के बाप डोगा ने फैसला कर लिया है या तो कोबी वापस जंगल जायेगा या जायेगा ऊपर! जबकि कोबी ने फैसला किया है कि वो मुंबई में एकछत्र राज करेगा और करेगा मोनिका से शादी! पर क्या डोगा के रहते ये संभव है? जंग छिड़ चुकी है! अब कोई एक ही रहेगा मुंबई में क्योंकि नहीं रह सकतीं एक म्यान में दो तलवारें! गैंगवार #0357-कोबी ने छोड़ा जंगल और बना दिया मुंबई को दंगल! डोगा ने कहा अबे जा वापस जंगल! न कोबी ने किसी की सुननी थी और न डोगा को पीछे हटना था! एक खूनी जंग का होना अब तय था! छिड़ना ही था अब गैंगवार!

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