RUI KA GHODA

Email
Printed
RUI KA GHODA
Code: GENL-0013-H
Pages: 40
ISBN: 9788184914191
Language: Hindi
Colors: Four
Author: Sarita Bharti
Penciler: R K Roy
Inker: N/A
Colorist: N/A
Paper: Glossy
Condition: Fresh
Price: Printed
Rs. 75.00
Add to wish list
Description चंपानगरी के राजा उग्रसेन के तीन पुत्र थे! विजय सिंह, महेंद्र सिंह और अजब सिंह जो राजसी ठाटबाट और धूर्त महामंत्री के बहकावे में बिगड़ कर बिल्कुल निकम्मे हो गये थे! परेशान राजा ने एक दिन तीनों को बहुत डांटा और राज्य से निकल जाने की धमकी दी! बाकी दोनों राजकुमार तो धूर्त महामंत्री की शह पर बेपरवाह रास-रंग में लग गये परंतु सबसे छोटे राजकुमार अजब सिंह को बात चुभ गई और वो कुछ बन कर दिखाने की चाह लिए राज्य से निकल गया! रास्ते में एक फकीर की सलाह पर उसने एक अजनबी से उसका सपना खरीद लिया! और वो सपना सच होकर उसके सामने आ गया! क्या अजबसिंह अपने उद्देश्य में सफल हो पाया? क्या धूर्त महामंत्री की पोल खुली? जानने के लिए पढ़ें रुई का घोड़ा!

Reviews

Tuesday, 18 February 2014
Its very good comic artwork is average
Prince Jindal
Sunday, 09 February 2014
39 page - a well made RAJA type dramatic story. us time ke simple artwork ke lihaaz se very good neat-clean artwork. purane readers ke liye to pure gold edition hai. ek rajkumar ke jeevan ke sab utar-chadav, rahasmayi rui ke ghode, jadui cheezo, etc. etc. pe based a brilliant story. i will say jrur padhiye.
Amber Gupta