RUHON KA SHIKANJA

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Printed
RUHON KA SHIKANJA
Code: GENL-0146-H
Pages: 32
ISBN: 9788184915525
Language: Hindi
Colors: Four
Author: Anupam Sinha
Penciler: Anupam Sinha
Inker: N/A
Colorist: N/A
Paper: Plain
Condition: Fresh
Price: Printed
Rs. 50.00
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Description पड़ोसी देश मापाल के राष्ट्रपति के बुलावे पर ध्रुव पहुंचता है मापाल! जहां के राष्ट्रपति मानवेंद्र के चारो ओर कस रहा था रूहों का शिकंजा! ध्रुव को इसके पीछे आ रही थी बड़े षड्यंत्र की बू ,लेकिन जब उसका सामना हुआ अपने ही माता-पिता की रूह से तो उसका नजरिया ही बदल गया!
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Reviews

Saturday, 28 June 2014
ये ध्रुव काफी अलग और विशिष्ट कॉमिक्स है क्यूंकि इसमें एक्शन कम और रहस्य और भूत प्रेत की सिहरन अधिक है. इस कॉमिक्स में ध्रुव ने अपने हाथो से कहीं अधिक अपनी बुद्धि का इस्तेमाल किया है. कॉमिक्स में अनुपम जी ने बेहद कसे हुए फ्रेम का इस्तेमाल कर कॉमिक्स के रहस्य भरे वातावरण को और भी अधिक रहस्य और खौफ से प्रेषित किया है और क्या सुन्दरता से नेपाल जिसे मापल कहा गया है कि प्राकृतिक सुन्दरता को अपने चित्रों से बेहद शांति से मनोरमित किया है अनुपम जी ने. कॉमिक्स में प्रेतों कि सच्चाई और खलनायक के विषय में मैं ज्यादा खुलासा नहीं करूँगा लेकिन ये कॉमिक्स अपने रहस्य भरे मनोरम परिवेश से आपको अंत तक बांधे रखेगी और अंत में सच्चे प्रेम की ताक़त को दिखा लेखक ने आत्माओ के वजूद को स्वीकारा भी है. बेहद अच्छी कॉमिक्स है.9/10
sachin dubey
Sunday, 09 February 2014
This comic had a very interesting plot. Dhruva is a non-believer in spirits or ghosts, but what he faces in this story makes him not only emotionally stochastic but also his deep driven desires come afloat. When the life of a resident is at stake, what will be his action.
Ankur Kaushik
Saturday, 08 February 2014
मापाल के राष्ट्रपति मानवेन्द्र भारत आये सुपर कमांडो ध्रुव से मदद मांगने के लिए क्योंकि उनको अचानक परेशान कर रहीं थीं उनके मरे हुए परिजनों की आत्माएं। ध्रुव पहुँच गया मापाल की राष्ट्रपति के निवास पर उन आत्माओं का रहस्य जानने। पर इससे पहले की वो राष्ट्रपति के परिजनों की आत्माओं का रहस्य सुलझा पता उसको ही दिखाई देने लगे उसके मरे हुए माता-पिता की आत्माएं। क्या रहस्य था इन आत्माओं के दिखाई देने का? क्या ध्रुव इस रहस्य को सुलझा पाया? जानने के लिए ज़रूर पढ़ें।
Mukesh Gupta
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