SHADYANTRAKARI ATMA

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Printed
SHADYANTRAKARI ATMA
Code: GENL-0218-H
Pages: 32
ISBN: 9788184916249
Language: Hindi
Colors: Four
Author: Papindar Juneja
Penciler: Bedi
Inker: N/A
Colorist: N/A
Paper: Glossy
Condition: Fresh
Price: Printed
Rs. 50.00
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Description विशालगढ़ के पर्वोतर के एक गांव हरनाम पुर में भयंकर सूखा पड़ा वहां पानी के लिये मार काट मच गई इस मार काट को रोकने के लिये राजा विक्रमसिंह ने भेजा बांकेलाल को किंतु एक कुएं की रक्षा में अपना समय व्यतीत करना बांकेलाल को गंवारा ना हुआ? कुएं में विष मिलाकर ये किस्सा ही समाप्त करने का निश्चय करके बांकेलाल जैसे ही कुएं में विष मिलाने लगा कि वहां प्रकट हो गए जलदेवता जो अपने परिवार सहित उसी कुएं में निवास करते थे। तब अपने प्राणों के बदले उन्होंने बांकेलाल को एक वरदान मांगने को कहा और षडयन्त्रकारी आत्मा बांकेलाल ने मांग ही लिया अपना मन पसंद वरदान!

Reviews

Thursday, 30 October 2014
Bankelal ne koaye me visse Milana cahaya par ushe samay koaye me vass karne Vale jaldevta Uske samne aa gaye.What happens next? Read to find out.
RISHIT RISHIT
Thursday, 13 February 2014
A good story of Bankelal with good artwork
Prince Jindal
Monday, 10 February 2014
Again an amazing story with great artwork. Must Read.
Rajal Sharma
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