BHOKAL TILISM MEIN

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BHOKAL TILISM MEIN
Code: GENL-0325-H
Pages: 32
ISBN: 9788184917314
Language: Hindi
Colors: Four
Author: Sanjay Gupta
Penciler: Kadam Studio
Inker: N/A
Colorist: N/A
Paper: Plain
Condition: Old Stock
Price: Stickered
Rs. 25.00
Description आखिर चारों शूरवीर भोकाल, शुतान, अतिक्रूर और तुरीन ने मिल कर ढूंढ ही निकाला तिलिस्मी ओलम्पाक को! मगर उसके अंदर उनका साक्षात्कार हुआ मौत के परकालों से! क्या वो इन मुसीबतों से बचकर तोड़ पाएंगे तिलिस्मी ओलम्पाक के तिलिस्म को!
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Reviews

Sunday, 09 February 2014
The start of the climax of the "Tilismi Olampaak". Story turned good & exciting again. Artwork is also great.
Rajal Sharma
Tuesday, 04 February 2014
भोकाल और राजकुमारी श्वेता नदी पार कर रहे थे और भोकाल सामना कर रहा था उन अजीबो गरीब शैतानो से जो नदी से निकल रहे थे. अचानक ही उन्हें एक जलयान पर नज़र आया कर्कश नामक शैतान जिसे ख़तम आगे बढे भोकाल और श्वेता और फँस गए एक नयी मुसीबत में. दूसरी तरफ शूतान, तुरीन और अतिक्रूर जो की तिलिस्म में प्रवेश पा चुके होते हैं, उलझ जाते हैं नई मुसीबतों से. भोकाल और श्वेता अलग हो जाते है तिलित्स्म में प्रवेश करते ही और भोकाल भी फँस जाता है एक और मुसीबत में. लेकिन सभी महारथी हर रूकावटो को ख़त्म करके पहुँचते एक ही जगह जहाँ होता है सोने का महल. उन्हें सुनाई देती है श्वेता की चीख और चारो जाबांज दौड़ लगा देते आवाज़ की दिशा में. कहानी बहुत ही अच्छी बनी है. इस कहानी में एक्शन बहुत है और साथ ही खड़े होते हैं कई सवाल जिनका सवाल एक एक करके मिलता जाता है सिवाय की तुरीन का रहस्मय किरदार क्या है और कपाला उसकी साथिन कैसे है और वो क्या चाहती है. इन सबके पीछे फूचांग जो की चाहता है खजाना और ओसाक गृह के राजघराने का जादुई ताज. संजय जी ने यह सीरीज बहुत ही शानदार बनाई है और चित्र भी अच्छे हैं. यह चारो किरदार बहुत ही अच्छे बने हैं और कहानी में रोमांचकता ज़ारी है.
AKASH KUMAR BARNWAL
Thursday, 07 November 2013
story plot is very good artwork is great as usual bhokal comics are awesome a must buy comic
Prince Jindal
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