MAIN HOON DOGA

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Printed
MAIN HOON DOGA
Code: GENL-0415-H
Pages: 32
ISBN: 9788184918212
Language: Hindi
Colors: Four
Author: Tarun Kumar Wahi, Sanjay Gupta
Penciler: Manu
Inker: N/A
Colorist: N/A
Paper: Glossy
Condition: Fresh
Price: Printed
Rs. 50.00
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Description किलर्स गैंग उर्फ किलोटा के लड़ाकों ने लॉयन जिम तबाह कर डाला था। अदरक चाचा को घायल कर दिया था। डोगा तड़प उठा उन्हें सजा देने को। डोगा के जबड़े कस चुके थे। मुम्बई में अपराघ के किसी भी रूप को बर्दाशत नहीं करने वाला था डोगा।
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Reviews

Monday, 10 February 2014
yeh insepacter cheeta ki pehli comic hai comic me doga adrak chacha par hue hamle ka badla lene ke liye kondar se bhid jata hai.kahani action se bharpur hai.must read 4 all.
hemant prasad
Saturday, 08 February 2014
Adrakh chacha ka ek purana student kilota badla lene k liye puri gym ko tahas nahas kar deta h aur adrakh chacha ko v ghayal kar deta h. Badla lene k liye suraj doga ban kar jata h usse ladne par kilota bhari padta h. Dusri taraf cheeta suraj k piche pada hua h Story zabardast h. Full of action,emotion.. Artwork v achha h
Deepak Pooniya
Tuesday, 04 February 2014
मुंबई पुलिस डिपार्टमेंट में खलबली मची हुई थी की कोई इतनी सुरक्षा के रहते हथियार चोरी कर के ले गया. दूसरी तरफ सूरज हॉस्पिटल से जाने को हुआ अदरक चाचा का हाल जानने के बाद तो उसका रास्ता रोक इन्स. चीता ने. जिसे किसी तरह से पीछा छुरा कर वो डोगा बन कर पहुंचा किलर्स जिम. जहां पर उसका सामना हुआ किलोटा और उसके आदमियों से. सबको मौत की नींद सुलाता चला गया डोगा. किलोटा से हुई जुंग ने डोगा को एहसास कराया की अभी जुर्म की दुनिया में जुर्म के कीड़ो को उखाड़ फेंकने के लिए उसे अभी बहुत कुछ सीखना है. तभी वह बज उठा था पुलिस का साइरन जिसे सुन दोनों में कोई भी नहीं रुक वहाँ पर. शहर में फैला ब्लैक बॉयज का आतंक जिन्होंने कई जगह लूटपाट कर हत्याएं भी कर दी थी. उनके पीछे लग चुकी थी पुलिस और डोगा भी. जल्द ही डोगा को पता चला ब्लैक बोयज़ का रहस्य और साथ ही मिली खबर की किलोटा उसके चारो चाचाओं को बंदी बना के ले गया है. कहानी लाजवाब है. कई हैरतंगेज़ एक्शन और सस्पेंस से भरी हुई. इस कहानी में अदरक, काली मिर्च, धनिया एवं हल्दी चाचा के सामने यह रहस्य खुलता है की आखिर डोगा है कौन. कहानी कई रोचक मोड़ लेती है और चीता की एंट्री हर जगह मजेदार है. डाईलोग बहुत ही मजेदार हैं. मनु जी का आर्टवर्क भी काफी अच्छा है.
AKASH KUMAR BARNWAL
Tuesday, 04 February 2014
Bahot achhi comics hai. Isme kilota ke atank ko khatam karta hai doga. Achhi comics hai. Doga ke initial plot built up me kafi mahatvpooran. Artwork bhi badhia hai. Must read
Avinash Tiwari
Monday, 16 January 2012
Doga ki jabardust shuruaat. Phala part todha weak raha...per uska baad writer na doga ko ek super hit character banna daala. Ever green comics.
Ajaydeep Dhillon
Wednesday, 28 December 2011
Yeh kahani Doga ke shuruaati adventure aur Zym ke dushman Kilota se ladaai ki hai. kahani badhiya hai..jaroor padhiye. Strongly Recommended.
YOUDHVEER SINGH