ANDHA YUDDHHA

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Printed
ANDHA YUDDHHA
Code: GENL-0424-H
Pages: 32
ISBN: 9788184918304
Language: Hindi
Colors: Four
Author: Tikaram Sippi
Penciler: Basant Sahasrabuddhe, Rahul Desh
Inker: N/A
Colorist: N/A
Paper: Plain
Condition: Old Stock
Price: Stickered
Rs. 30.00

Reviews

Saturday, 15 February 2014
Its very good comic artwork is average
Prince Jindal
Monday, 10 February 2014
My expectations were high with this one but all went in vein. This was an above average story. Artwork was good.
Rajal Sharma
Monday, 10 February 2014
शुक्राल, हर काल का सर्वश्रेष्ट योद्धा जो इस काल में बना हुआ था मौत का परकाला अपनी तांत्रिक शक्तियों के बल पर शिकस्त देता जा रहा था हर राज्य को और बनाता जा रहा था वहां के राजाओं को अपना गुलाम। शुक्राल नाम के खतरे से निबटने के लिए जमा हुए सभी राजा-महाराजा तब वहां पहुंचकर शुक्राल के गुरु महर्षि तपोलक के कटे सर आकर बताया की शुक्राल को अपने बस में करके उससे ये सब करवा रहे हैं सिंघाल और पिंघाल नाम के 2 राक्षस और शुक्राल को रोकने का एक ही उपाय है स्वयं शुक्राल और इसके लिए उन्हें बुलाना पड़ेगा भविष्य में जन्मे शुक्राल को ही। फिर क्या हुआ? जानने के लिए पढ़ें।
Mukesh Gupta
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