NAGINA KAA JAAL

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Printed
NAGINA KAA JAAL
Code: SPCL-0005-H
Pages: 64
ISBN: 9789332410046
Language: Hindi
Colors: Four
Author: Sanjay Gupta
Penciler: Pratap Mulick
Inker: N/A
Colorist: N/A
Paper: Plain
Condition: Fresh
Price: Printed
Rs. 60.00
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Description सदियों से नागद्वीप में कैद नागतंत्रिका नगीना और उसके साथी भागकर जा मिले हैं किंग कोबरा से। नशे का व्यापारी किंग कोबरा नागराज के एक अंजान दुश्मन के साथ मिलकर बना रहा है जहरीली मौत जो नशा बनकर आम लोगों तक पहुँच रही है। तब नागराज इन खूनी दरिंदों का रास्ता रोकता है। नागराज की दखलंदाजी से परेशान किंग कोबरा नागराज की मौत का जिम्मा सौंपता है नागतंत्रिका नगीना को। नगीना नागराज के इर्दगिर्द बुनती है अपना तंत्रजाल जो नागराज को मौत देना चाहती है! पर इसबार नागराज अकेला नहीं है! उसका साथ दे रहे हैं नागद्वीप के पांच सर्वश्रेष्ठ इच्छाधारी नाग नागार्जुन, सर्पराज, सिंहनाग, नागप्रेती और नागदेव! क्या ये सब महारथी मिलकर तोड़ पाएंगे नगीना का जाल?
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Reviews

Friday, 08 August 2014
My first Nagraj comic after 20 years..Good story.. I like Kekdakant, makdakhantu, Bichhudhada..
Rahul R Panelia
Tuesday, 11 February 2014
this is the oldest magraj special i have right now...and i'm a proud of that. nageena is a narcissist who can kill anyone in her hunger for power.
vivek singh
Monday, 10 February 2014
One of the best of Nagraj & his foe Nagina. Story was marvelous & artwork was amazing.
Rajal Sharma
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