BAUNA WAAMAN

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Printed
BAUNA WAAMAN
Code: SPCL-0195-H
Pages: 64
ISBN: 9789332408357
Language: Hindi
Colors: Four
Author: Jolly Sinha
Penciler: Anupam Sinha
Inker: Vitthal Kamble
Colorist: N/A
Paper: Glossy
Condition: Fresh
Price: Printed
Rs. 60.00
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Description नारका जेल पर हमला किया एक रहस्यमय यंत्र मानव ट्रोनिका ने! और उसने छुड़ा लिया खिलौनों को उँगलियों पर नचाने वाले बौना वामन को! दूसरी तरफ डाक्टर पिल्लै और श्वेता ने मिल कर एक ऐसी चिप इजाद की है जो किसी के दिमाग की कमांड से किसी इलोक्ट्रोनिक यंत्र को चला सकता है! पर इससे पहले कि वो उस चिप को उसके मालिक मिस्टर हराकी और तकाशी को सौंपते उसको चुराने आ पहुंचा बौना वामन! आखिर किसने छुड़ाया बौना वामन को और क्यों चाहिए उसे वो चिप! क्या ध्रुव इस गुत्थी को सुलझा पाया या इस बार चल गई ट्रिक बौना वामन की!

Reviews

Thursday, 26 June 2014
मैं कुछ उन चुनिन्दा लोगों में से हूँ जिन्हें अनुपम-विनोद से अधिक अनुपम-विट्ठल का चित्रांकन ज्यादा मज़ेदार और रोचक लगता है क्यूंकि अनुपम जी विट्ठल जी का चित्रांकन वास्तविक न होकर कॉमिक्स की काल्पनिक संसार की खुशबू से सरोबार होता है और एक्शन दृश्यों में अधिक गति और तरलता रहती है. तो सर्वप्रथम मुझे इस कॉमिक्स में अनुपम-विट्ठल जी का चित्रांकन बोहोत बोहोत अच्छा लगा विशेषकर ध्रुव और निन्जजा के बीच के एक्शन दृश्य. बस एक कमी लगी कि ध्रुव ने निन्जजा को ज़रा जल्दी हरा दिया और ध्रुव की ट्रौनिक से लड़ाई भी रोमांच और बेहतरीन एक्शन मूव्स से भरपूर रही. बौना वामन के रूप में अनुपम जी ने ऐसा खलनायक उत्पन्न किया है जो क्रूर भी है और बीच में मसखरी भी करता है और जब ऐसे खलनायक पे रहस्य से भरी कॉमिक्स बनती है तो उसका श्रेष्ट होना लाजमी है. बेहद अच्छी कॉमिक्स थी. 9/10.
sachin dubey
Monday, 10 February 2014
Again the return of one of SCD's foe with a bang. Story developed in a very good way. Artwork is also amazing. Must read.
Rajal Sharma
Saturday, 08 February 2014
comics achhi achhi... Story plot, artwork & dialogues sabhi mast hai... vileen ke rup me bauna waaman ki dhmakedaar wapsi huyi hai... par comics me Ninza ka role pasand nahi aaya... agar ninza iase harne lage to ho chuka... achhi comics hai.
PREM YADAV
Friday, 07 February 2014
bauna waman ki shandar wapasi. aur is baar uske khilone hain aur bhi khatarnak aur dimaag utna hi shaatir.kyunki bauna waman hamesha ek na ek trick bacha ke... he he!
Anubhav Dimri
Thursday, 06 February 2014
Story 10 on 5. Artwork 10 on 5. Just LOVE this comics. Great story. Heavenly artwork! Dhruv in this comics has killer looks. (I want Dhruv like this in each comics). Story is soooooo good that a movie can be made on this.** Character details make this comics 7 star. Ninjaja is so good that I want him to return someday. Bat and Ball are also very well placed... Do read this comics. A Dhruv special. **On the movie note, I very well know that this is VERYx10 early to talk about, but whenever RC movies start to come out with Dhruv next in line, I desperately want Bauna Vaman or Dr. Virus as main villain in it rather than Robo. Dhruv's qualities will perfectly be shown to "non comics" audience. Robo for the sequel. As the 'stronger than superhero' mega villain... I'll be waiting for it. With the forum down (since Infinity!!!!) I had to type all this in review, not quite the right place... But I couldn't stop myself from sharing this thought. hope RC do something about the forum... Atleast interact with us, the fans on FB, not only promoting or giving informations... -RC, if you come across this, please do something on your official page to confirm that the word has reached you....
Dhawal Upadhyaya
Monday, 03 February 2014
'ट्रोनिका' नाम का अपराधी बौना वामन को जेल से छुड़ाता है जिससे की बौना वामन उसके लिए एक चिप को चुरा सके. एक ऐसी चिप जो किसी भी व्यक्ति के दिमाग को कण्ट्रोल कर सकती है. पर रास्ते में सिर्फ एक ही अड़चन थी- सुपर कमांडो ध्रुव. इसके लिए ट्रोनिका सुपर कमांडो ध्रुव को उलझाये रखने का वादा करता है और उस बीच में बौना वामन युकहारो इलेक्ट्रॉनिक्स से उस चिप को चुराएगा. युकहारो इलेक्ट्रॉनिक्स में बौना वामन का टकराव हो जाता है चंडिका से. फिर क्या होता है. क्या बौना वामन चिप को चुरा पायेगा? क्या ट्रोनिका ध्रुव को रोक पायेगा? कौन है ये ट्रोनिका और क्या करना चाहता है वो? कॉमिक्स का प्लाट बहुत नया था. खासकर दिमाग को कण्ट्रोल कर सकने वाली चिप का idea. बौना वामन हमेशा की तरह अपने witty humor के साथ उपस्थित है कॉमिक्स में. अनुपम सिन्हा ने final twist भी बहुत शानदार डाला है. ध्रुव और श्वेता के बीच कुछ भावनात्मक क्षण भी कॉमिक्स में हैं. आर्टवर्क की बात करें तो बहुत शानदार है और एक फ्रेम में ध्रुव की bike को बहुत ही स्टाइलिश दिखाया गया है जिसके लिए अनुपम जी की तारीफ करनी पड़ेगी. वैसे भी उन्होंने ध्रुव की bikes को हमेशा अपने वक़्त से आगे का दिखाया है. और हो भी क्यों न ऐसा, ध्रुव की bikes का पाठकों के दिल में एक विशिष्ट स्थान जो है. कुल मिलाकर एक शानदार कॉमिक्स.
AKASH KUMAR BARNWAL
Saturday, 25 January 2014
what a comeback for bauna waaman. story was nice, action was breath taking. must read for every comics fan
AATIF KHAN
Sunday, 11 August 2013
It was released during the summer vacations. A read it many times. A very good comics. Bauna Waaman is too good. A very good comics, must read for all dhruv fans..
Avinash Tiwari
Saturday, 17 December 2011
Iss comics mein phir se aaya tha Bauna Waman. Kahani mein Corporate ladaai ka tana bana tha....aur jisme kuch side roles bhi involve hokar Dhruva ki khaat kahdi karne mein lage the. Chandika se jyaada Shweta ke role mein maza aata hai. kahani badhiya hai...lekin inking ki wazah se artwork mein mazaa nahin aata.
YOUDHVEER SINGH
Monday, 24 May 2010
this comics is one of the best comics of super commando dhruv
vibhav
Monday, 24 May 2010
That's the perfect story.Best of all.Fantastic artwork hai..
anupam
Saturday, 30 January 2010
Wah wah, kya comics hai, maja aa gaya, rc ab aisi comics kyo nahi banati, Ninjaja tu. . Tu yahan tak kaise aa gaya, tune bhi mujh par kuch chipkaya tha kya Hehehehe mast,
Gajender Singh
Friday, 14 December 2007
hey that was a good comic
Abhay Vir Singh
Sunday, 29 July 2007
The artwork was crap! Story was fine! But to me Bauna Vaman is a boring villan! 3/5
Ajaydeep Dhillon
Saturday, 14 July 2007
The comic has excellent story and illustrations. Great Entertainment and intellegently written story plot.
satvabodh dubey
Thursday, 31 May 2007
I love raj comics, my favorate heroes Nagraj, bhokal hai and comedy hero bakelal haii used to read raj comicsbut since last I year I missed.
jaytrilok