BANKELAL DIGEST 3

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Printed
BANKELAL DIGEST 3
Code: DGST-0062-H
Pages: 96
ISBN: 9789332418417
Language: Hindi
Colors: Four
Author: Tarun Kumar Wahi, Papindar Junej
Penciler: Bedi
Inker: N/A
Colorist: N/A
Paper: Glossy
Condition: Fresh
Price: Printed
Rs. 100.00
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Description Now reprinted on Glossy Artpaper जादूगर डांगा #203:उधमपुर के राजा उधमीसिंह के कहने पर उसके जासूस पोपट और चौपट ने कर लिया बांकेलाल का अपहरण। अपनी जान बचाने के लिए बांकेलाल ने चलाया ऐसा चक्कर कि विक्रमसिंह और उधमीसिंह के बीच हो गया युद्ध का ऐलान। लेकिन विक्रमसिंह के सामने उधमीसिंह की नहीं चली चाल और वो दुम दबा कर भागा और टकरा गया जादूगर डांगा से। और डांगा की जादुई शक्ति के कारण एक बार फिर बांकेलाल पहुंच गया उधमीसिंह के सामने। लेकिन बांकेलाल ने इस बार भी चलाया ऐसा चक्कर कि विक्रमसिंह बन गया जादूगर डांगा का कैदी और उधमीसिंह विक्रमसिंह का रूप धर कर बन गया विशालगढ़ का राजा। मुर्दा शैतान#213:विक्रम सिंह के तीन दिवसीय कुश्ती समारोह में दारापुर के टुडां पहलवान दारा ने विशालगढ़ के कई पहलवानों को घूल चटा दी। राजा विक्रम सिंह इस समारोह के मुख्य अतिथि थे। दारा को गुरुर में भरा देख उन्होंने बांकेलाल को दारा से कुश्ती लड़ने का आदेश दे दिया सीकड़ी बांकेलाल भला एक पहलवान से कुश्ती कैसे लड़ता। अपनी हड्डियां बचाने के लिये बांकेलाल सैनिकों की नजर बचा कर महल से भाग निकला और जा छुपा एक वृक्ष की कोटर में जहां उसका सामना हुआ एक मुर्दा शैतान से। षडयन्त्रकारी आत्मा#218:विशालगढ़ के पर्वोतर के एक गांव हरनाम पुर में भयंकर सूखा पड़ा वहां पानी के लिये मार काट मच गई इस मार काट को रोकने के लिये राजा विक्रमसिंह ने भेजा बांकेलाल को किंतु एक कुएं की रक्षा में अपना समय व्यतीत करना बांकेलाल को गंवारा ना हुआ? कुएं में विष मिलाकर ये किस्सा ही समाप्त करने का निश्चय करके बांकेलाल जैसे ही कुएं में विष मिलाने लगा कि वहां प्रकट हो गए जलदेवता जो अपने परिवार सहित उसी कुएं में निवास करते थे। तब अपने प्राणों के बदले उन्होंने बांकेलाल को एक वरदान मांगने को कहा और षडयन्त्रकारी आत्मा बांकेलाल ने मांग ही लिया अपना मन पसंद वरदान! मौत का त्रिशूल#221:दैत्यनगरी के राजा दुष्टान्त ने मां शक्तिदायिनी की तपस्या कर उनसे प्राप्त की एक दिव्य तलवार। और भगवान शंकर से एक दिव्य त्रिशूल। वह निकल पड़ा सम्पूर्ण पृथ्वी पर अपना राज कायम करने। भगवान शंकर की सलाह पर वो सर्वप्रथम विशालगढ़ के राजा पर विजय प्राप्त करने आ पहुंचा विशालगगढ़। इघर बांकेलाल विक्रमसिंह को खाई में धक्का देकर स्वयं बन बैठा था विशालगढ़ का राजा। दो दुष्टों की जंग में कौन बना विजेता?

Reviews

Thursday, 30 October 2014
BANKELAL DIGEST COLLECTION.MAUT KA TRISUAL IS THE BEST COMICS IN DIGEST.
RISHIT RISHIT
Saturday, 15 March 2014
Again an old time classic collection of Bankelal. Stories are great when artwork is awesome.
Rajal Sharma
Thursday, 13 February 2014
superb collection
Prince Jindal
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