BANKELAL DIGEST 24

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Printed
Code: DGST-0119-H
Pages: 272
ISBN: 9789332430259
Language: Hindi
Colors: Four
Author: Tarun Kumar Wahi, Gulshan Kumar
Penciler: J.S.Bedi
Inker: J.S.Bedi
Colorist: N/A
Paper: Glossy
Condition: Fresh
Price: Printed
Rs. 220.00
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Description बांकेलाल और तिलिस्मदेव #0003- बांकेलाल ने अंजाने में बचाई देवपुत्र की जान जिसके फलस्वरूप मिले वरदान से उसके अंदर आ गई तिलिस्मदेव की सभी शक्ति! और इन शक्तियों की मदद से बांके बनना चाहता है चक्रवर्ती सम्राट! क्या बांके की इच्छा पूरी हुई या उसे रोकने में सफल हो गए तिलिस्मदेव? पीछे पड़ा भालू #0084- मुच्छड़ की मृत्यु की योजना बनाने के लिए निकला बांकेलाल अकस्मात बन गया एक ऋषि पत्नीभक्त की मृत्यु का माध्यम! जिसके कारण सारी ऋषि बिरादरी पड़ गई बांके के पीछे! जान बचाता बांके भाग गया जंगल जहाँ उसके पीछे पड़ गया भालू! ढपोरशंख #0119- मुच्छड़ की मृत्यु की तलाश में निकले बांके के हाथ लग गया ढपोरशंख जो धारक की प्रत्येक इच्छा पूरी करता है मगर एक गड़बड़ के साथ! जिसके कारण हर बार फंसते है बांके के प्राण! तो इस बार उसने ढपोरशंख से पूरी करवाई विक्रम की इच्छा! तो क्या अब मुच्छड़ के प्राण भी पड़ेंगे संकट में या होगा फिर कोई चमत्कार? जादुई मुहावरे #0126- करोड़ी नाम के एक आदमी ने मुहावरा देवता को प्रसन्न कर के वरदान में प्राप्त की कंठ-पुस्त जिसके प्रभाव से उसके द्वारा बोले गए मुहावरे जीवित होकर उसके दुश्मनों को करा देते हैं नानी याद! अब करोड़ी निकल पड़ा है विशालगढ़ से बीस साल पहले का अपना प्रतिशोध लेने को! क्या बांके विशालगढ़ को मुहावरों के प्रकोप से बचा पायेगा?

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